ऐसा सख्त था महाराज, जिनका मुल्कों में राज, जिन घर झूलता हाथी, जिन घर झूलता हाथी, उन घर दिया ना बाती, झोंका पवन का लग जाए, झपका पवन का लग जाए, काया धूल हो जासी ।।